कलयुग के लक्षण

साथियों आज मै श्री कृष्ण जी द्वारा बताए कलयुग के लक्षण आपको बताऊंगा

साथियों आज मै श्री कृष्ण जी द्वारा बताए कलयुग के लक्षण आपको बताऊंगा।  जब महाभारत का युद्ध समाप्त हो गया था तो धरम राज युधिष्ठिर ने केशव से पूछा हे केशव हमारे आने वाले भविष्य के बारे में कुछ बताइए। आगे आने वाला युग कैसा होगा ।केशव ने मुस्कुराते हुए कहा मैं क्या बताऊं । मैं तो केवल एक झलक आपको दिखा सकता हूं की कलयुग के लक्षण कैसे होंगे। आप पांचों भाई अलग अलग दिशाओं में जाएं व जो देखें आकर बताएं।

युधिष्ठिर जी जिस दिशा में गए उन्होंने देखा एक विशालकाय हाथी है , उसकी दो सूंड हैं व वो दोनों सूंडो से अनाज खा रहा है। वो उसे देखकर हैरान हो गए।

भीम जी जिस दिशा में गए उन्होंने देखा 5 कुएं है एक बीच में और 4 उसके चारों तरफ। चारों कुएं पानी से भरे हुए थे और बीच वाला कुआं खाली व सूखा पड़ा था। वो ये देख कर आश्चर्य चकित हो गए।

अर्जुन जिस दिशा में गए उन्होंने देखा एक गाय है और वो अपने नवजात बछरे को चाट रही है। उसने अपने बछड़े को चाट चाट कर अशक्त कर दिया इतना अशक्त कि उसका रक्त निकल रहा था और वो अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो पा रहा था। अर्जुन भी उसे देख कर हैरान हो गया।

नकुल जिस दिशा में गया उसने देखा एक हंस अति सुंदर हंस एक मुर्दा शरीर पर बैठ कर उसका मांस खा रहा है ।वो भी आश्चर्यचकित रह गया।

सहदेव ने देखा कि एक पहाड़ पर से एक टूटी हुई शिला नीचे कि तरफ लुढ़कती हुई गिरती आ रही है। बीच रास्ते में अनेक चट्टानों से टकराई पर वो चट्टानों के सहारे नहीं रुकी। थोड़ी सी आगे वो एक घास के झुंड के सहारे रुक गई।

सभी भाईयो ने वापिस आकर केशव श्री कृष्ण से अपने अपने देखें दृश्य बताएं। श्री कृष्ण ने कहा युधिष्ठिर ने जो देखा दो सूंड का हाथी कलयुग के राजा शासकों का प्रतीक है। कलयुग में राजा दोनों हाथों से लूटेंगे और समाज, जनता जनार्दन के द्वारा दिए कर को अपने ही हित में उपयोग करेंगे।भीम ने जो देखा है आने वाले समय में बड़ी बड़ी अट्टालिकाएं महल होंगे सुख सुविधाओं की बाद होगी पर उन्ही महलों के पास ही भूखे वंचित लोग भी होंगे इस सूखे कुएं की तरह।अर्जुन ने जो देखा है वो आने वाले समय के माता पिता की स्थिति होगी  माता पिता अपने बच्चो को प्यार दुलार करके अशक्त निर्बल करेंगे । इतना निर्बल कर देंगे कि वो अपने कर्तव्य पालन के योग्य भी नहीं रह पाएंगे।

प्रिय नकुल ने को देखा है बहुत ही महत्वपूर्ण है कलयुग में हंस जैसे दिखने वाले लोग कोएं जैसा व्यवहार करेंगे। कथा वेद पाठ पुराण वाचन दिखावे का ही होगा, आचरण बिल्कुल विपरीत होगा। सहदेव ने जो देखा है जीव नीच कर्मो की तरफ अग्रसर होंगे पतन कि ओर बढ़ते चले जाएंगे बड़े बड़े पाठ कथा वार्ता सुनने के बाद भी वो नीच कर्मो से नहीं बच पाएंगे परन्तु सच्चे मन से यदि वो “एक घड़ी आधी घड़ी आधी में पुनि आध तुलसी संगत साध की हरे कोटि अपराध” सिमरन भजन करेगा तो उसका पतन तुरन्त रुक जाएगा। जैसे कि घास के झुंड पर चट्टान रुक गई थी।

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