मिट्टी से इलाज कैसे होता है

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मिट्टी से बीमारी का इलाज
मिट्टी से कैसे करें बीमारी का इलाज
नेचुरोपैथी में मिट्टी से इलाज
मिट्टी के लेप से इलाज
Mitti k lep se beemari ka ilaj kaise karen
Mitti chikiitsa
मिट्टी से चिकित्सा
गीली मिट्टी से इलाज
मिट्टी से बीमारियों का होता है इलाज।

बच्चा जैसे-जैसे बड़ा होता है मिट्टी के प्रति उसका आकर्षक स्वाभाविक रूप से बढ़ता है, क्यों?  क्योंकि बच्चा प्रकृति में जीना चाहता है।  लेकिन आधुनिक जीवनशैली उसे प्रकृति से दूर ले जाती है…

शरीर पांच तत्वों से मिलकर बना है, ये पांच  तत्व अग्नि, वायु, जल और आकाश हैं। विज्ञान भी मानता है कि इनमें से  किसी तत्व की कमी होती है तो शरीर में रोगों का जन्म होता है। रोगों से छुटकारा पाने के लिए  कई चिकित्सा पद्धति है। लेकिन इनमें से  नेचुरोपैथी (प्राकृतिक चिकित्सा) का  गुण है – इससे  बिना साइड इफेक्ट के बेहतर इलाज होता है.

प्राकृतिक चिकित्सा से इलाज (Praakrtik chikitsa se ilaaj) के पीछे का फैक्ट यह है कि प्रकृति  के तत्वों (Elements of nature) से इलाज मिट्टी से होता है। बिना किसी हानिकारक रसायन (Harmful chemicals) के इस पद्धति में इलाज किया जाता है।

भारत में नेचुरोपैथी चिकित्सा पद्धति वैकल्पिक  चिकित्सा पद्धति (Naturopathy medicine in India alternative medicine method in hindi)

यह वैकल्पिक चिकित्सा के तौर पर प्राचीन समय से ही मनुष्यों के रोगों को दूर करती रही है।  आज आधुनिक जीवनशैली के कारण इंसान प्रकृति (Nature) से तो दूर ही हुआ है। प्रकृतिक-चिकित्सा पद्धति से भी दूर होता चला जा रहा है। (chikitsa-chikitsa paddhati)

   पुराने समय से मिट्टी से इलाज होता रहा है ( Mitti Chikitsa)

भारत में नेचुरोपैथी योग चिकित्सा और एक्यूप्रेशर  योग पद्धति से इलाज का चलन बहुत तेजी से बढ़ा है। (In India, the practice of treatment with Naturopathy Yoga therapy and Acupressure Yoga method has increased very fast.) आज हम आपको एक ऐसी चिकित्सा पद्धति के बारे में बताने जा रहे हैं जो नेचुरोपैथी चिकित्सा पद्धति में कई लोगों के लिए बहुत ही लाभदायक है। लाखों रोगियों ने इस तरीकों को अपनाकर अपने रोग से छुटकारा ही नहीं पाया बल्कि एक अच्छी जिंदगी फिर से हासिल की है। 

जी हां दोस्तों! हम बात कर रहे हैं,  मिट्टी से इलाज  के बारे में।  यह बिल्कुल सही है कि मिट्टी से चिकित्सा  का विज्ञान (mittee se chikitsa  ka vigyaan) सेे देश में प्राचीन काल से ही योग और नेचुरोपैथी  तरीकों से शुरू  हो गया था।   बड़े-बड़े ऋषि मुनियों ने इन चिकित्सा पद्धति से लोगों को जादुई इलाज भी किया है!

 मिट्टी के लेप से इन बीमारियों का होता है इलाज

मिट्टी लेप चिकित्सा पद्धति (Soil treatment system) से  जोड़ों का दर्द, ऑर्थराइटिस, स्पॉन्डलाइटिस, साइटिका, कब्ज, पेप्टिक अल्सर, फैटी लीवर, कोलाइटिस, माइग्रेन, मोटापा, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, दमा, ब्रॉनकाइटिस  का इलाज किया जाता है। (Joint pain, arthritis, spondylitis, sciatica, constipation, peptic ulcer, fatty liver, colitis, migraine, obesity, diabetes, high blood pressure, asthma, bronchitis are treated.)

त्वचा रोग के लिए खास कारगर मिट्टी का लेप

सफेद दाग मिट्टी से इलाज बहुत कारगर होता है।(safed daag beemaaree ka ilaaj mittee se hota hai.)

लगातार रसायनिक चीजों के इस्तेमाल से त्वचा-रोग (skin disease) होने के कारण अगर अंग्रेजी दवाओं का इस्तेमाल करते हैं तो भी इस रोग में उतना फायदा नहीं मिलता है लेकिन मिट्टी लेप-थेरेपी (mud therapy) से त्वचा रोग   का सफल इलाज होता है।

 मिट्टी से उपचार का तरीका

 मिट्टी से इलाज को ‘मड थेरेपी’ (Mud Therapy) कहा जाता है।  आज भारत में कई चिकित्सक विशेष तौर मड  थेरेपी से इलाज करते हैं। (Mud Therapy Treatments)

 आप यह जानते हैं कि नेचुरोपैथी में और हमारे संस्कृति में मिट्टी को जीवनदायिनी ही माना जाता है। इस इलाज में मड बाथ, मिट्टी की पट्टी या मिट्टी से  इलाज किया जाता है।  (Mud baths, Mud patches or Mud are Treated)

मिट्टी का लेप शरीर में लगाने को मड थेरेपी (Mud therapy) कहते हैं। मड थेरेपी (Mud Therapy) करने के लिए  खास तरह की मिट्टी को जमीन के  अंदर 2 से 3 फीट नीचे से निकाला जाता है। मिट्टी के अंदर पाया जाने वाला बैक्टीरिया हर मौसम के साथ अपना रूप बदलता रहता है। इस मिट्टी को पानी के साथ जब मिलाकर घोल बनाया जाता है। तो मिट्टी के अंदर पाए जाने वाले बैक्टेरिया बहुत तेजी से पनपते हैं। इसे एक्टिनोमाइसिटेस बैक्टेरिया कहा (Actinomycetes bacteria) जाता है। यह  त्वचा रोग (skin disease) और बालों की समस्या (Hair problem) में कारगर होता है।

लेकिन खास बात  है कि केवल त्वचा रोग और बालों के अलावा कई तरह के रोगों में ‘मड थेरेपी’ का इस्तेमाल होता है। 

यहां तक कि तनाव और चिंता (The treatment of mud therapy) से शारीरिक और मानसिक रोगों से (physical and mental diseases from stress) मुक्ति के लिए मड थेरेपी का इलाज लोगों को एक अच्छा जीवन दे रहा है। is giving people a good life for relieving physical and mental diseases from stress and anxiety.)

 सफेद दाग रोग के लिए  उपयोगी

मिट्टी के लेप चिकित्सा से सफेद दाग, सोरायसिस और कुष्ठ रोग धीरे-धीरे ठीक होने लगते हैं। माइग्रेन की समस्या और डिप्रेशन की समस्या के कारण  सिर दर्द की शिकायत में मड थेरेपी  कई लोगों को  दर्द से छुटकारा दिया है। वे अपने जीवन को  बेहतर तरीके से जी रहे हैं।

  Mud चिकित्सा से बिना दवा खाए ब्लड प्रेशर का इलाज

इस चिकित्सा से ब्लड प्रेशर जैसी आधुनिक बीमारियों पर भी काबू पाया जा सकता है।  हाई ब्लड प्रेशर की समस्या में कई चिकित्सक मानते हैं कि इस इलाज से मरीज को बिना दवा खिलाए ब्लड प्रेशर को सामान्य किया जा सकता है।  मिट्टी (mud therapy) थैरेपी से बदनदर्द, कब्ज, गठिया और जोड़ों के दर्द से  छुटकारा दिलाती है। (Relieves headache, constipation, arthritis and joint pain)

 मिट्टी का लेप बनाते समय ध्यान रखने वाली बात

 मिट्टी लेट थेरेपी से इलाज करने के लिए मिट्टी को खास तरीके से प्राप्त किया जाता है। आप जब भी इलाज कराए तो किसी नेचुरोपैथी चिकित्सक से ही कराएं। जिस मिट्टी का इस्तेमाल कर रहे हैं वह केमिकल वाली नहीं होनी चाहिए।

    मिट्टी साफ प्रकृति वाली जगह से लेना चाहिए।  जैसे कोई नेचुरल जगह नदी का साफ सुथरा किनारा या ऐसा स्थान जहां पर गंदगी नहीं होनी चाहिए।

 मिट्टी लेते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि पत्थर का छोरा या किसी तरह का कोई ठोस चीज़ इसमें नहीं होना चाहिए।

साफ-सुथरी मिट्टी ने साफ पानी मिलाकर इसे पेस्ट बनाएं और शरीर पर आधी इंच मोटी परत  चढ़ाएं। इस परत का एक फायदा होता है कि त्वचा को आॅक्सीजन की सप्लाई मिलती है। ऑक्सीजन त्वचा से होती हुई शरीर के प्रत्येक भाग तक पहुंचती है।

 माथे पर और बालों में लगाने से डिप्रेशन की समस्या दूर होती है इसका कारण यह है कि मिट्टी का लेप दिमाग में आॅक्सीजन अधिक पहुंचाता है जिस कारण से डिप्रेशन से छुटकारा मिलता है।

 इस चिकित्सा पद्धति में घुटने के दर्द से छुटकारा पाने के लिए गर्म पानी में मिट्टी का लेप बनाया जाता है और इसे घुटनों पर लगाने से आराम मिलता है।  पूरे शरीर में आप मिट्टी का लेप लगाकर धूप में बैठकर धूप का आनंद लेते हैं तो आपको एक तरह से तनाव से मुक्ति मिलती है और  त्वचा में ऑक्सीजन की सप्लाई बढ़ जाती है इस कारण  से शरीर का तापमान संतुलित होता है और ब्लड प्रेशर कंट्रोल होता है। शरीर पर लगे मिट्टी को छुड़ाने के बाद  तेल से मालिश करने से बहुत आराम मिलता है।  इस तरह आपका ब्लड सरकुलेशन भी सुचारू रूप से होता है।

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