बदला लेने की भावना मन में आए तो क्या करें

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हर किसी के जीवन में एक ऐसा पल आता है, जब उसे धोखा मिलता है।  क्या इस धोखे का जवाब बदला होना चाहिए।  मन में बदला लेने की भावन आ जाए तो इससे नुकसान  हो सकता है ।  मनुष्य एक ऐसा प्राणी है जो अपनी ज्ञानेंद्रियों  की सहायता से खुद को आत्मनियंत्रित करता है। ईर्ष्या और बदले की भावना इंसान का जीवन बर्बाद कर देता है।

 बदले की भावना से छुटकारा आध्यात्मिक शक्ति से How to get rid of revenge?

 बदले की भावना और ईर्ष्या (revenge and jealousy) से छुटकारा पाने के लिए हमें अध्यात्म (spiritual) का सहारा लेना चाहिए।  एक सच्चा साधक कभी भी बदला लेने की भावना अपने अंदर नहीं लाता है।  ईश्वर का सच्चा भक्त कभी भी बदले की भावना में नहीं जीता है। वह प्रेम और दया( Love and kindness) की भावना से भरा होता है। बदला लेना एक तरह की हिंसा है। (Revenge is a kind of violence)  बदले की भावना हमें नष्ट कर सकती है।  मनुष्य के अंदर बदले की भावना आने पर उसकी सफलता और उसके ज्ञान का मार्ग अवरुद्ध (Blocked the path to success and its knowledge) हो जाता है। 

हर  समय दिमाग बदला लेने के लिए सोचता है तो यह  रास्ता हिंसा की ओर  ले जाता है।  अगर कोई अजनबी आपको धोखा देता है तो हो सकता है, उसे आप माफ कर देंगे।  लेकिन आपके करीब रहने वाला इंसान आपको धोखा दिया है तो शायद आपका मन उसे माफ करने के लिए कतई तैयार नहीं हो सकता है। क्योंकि आपके नजदीक रहने  वाले इंसान पर आप ज्यादा भरोसा करते थे। उसने आपके भरोसे को तोड़ा है।

 धोखा मिलने पर बदले की भावना सही नहीं

(The feeling of revenge is not right when cheated)

 मन की शक्ति  हमें नए नजरिए से सोचने के लिए मजबूर करती है। आत्मशक्ति से आप स्वयं को भी बदल सकते हैं और धोखा देने वाले व्यक्ति के जीवन को भी बदल सकते हैं।  बदला लेने से बड़ा प्रेम और दया की भावना होती है। 

धोखा जिसने दिया है उससे सावधान रहें लेकिन बदले की भावना मन में है तो उससे नुकसान आपका अधिक होगा। क्योंकि  धोखा देने वाले उस व्यक्ति को अपने मन से पूरी तरीके से निकाल नहीं पाएंगे।  ऐसी स्थिति में इंसान बदले की आग में जलता रहता है।

मानसिक और शारीरिक रूप से स्वयं को आज  आध्यात्मिक नजरिए से देखिए।  एक सच्चे साधक की तरह  ध्यान दीजिए और कहिए ब्रह्मांड की ताकत ईश्वर से कि मुझे धोखा देने वाले व्यक्ति को सद्बुद्धि दो। 

 इस तरह  ईश्वर पर उसकी करनी  छोड़ देते हैं, ईश्वर ही उसका न्याय करेगा। इस तरह आपके मन में बदला लेने की भावना जन्म नहीं लेती है।

 बदले की भावना नहीं माफ (क्षमा) कर देने की भावना होनी चाहिए 

 माफ (क्षमा) करना हर इंसान का आभूषण है। महाऋषि वेदव्यास ने कहा है कि क्षमा वालों के लिए ही परलोक है। क्षमाशील पुरुष इस जगत में सम्मान और परलोक में उत्तम गति पाते हैं।  

दंड Punishment से इंसान को नहीं सुधारा जा सकता है जबकि क्षमा कर देने से इंसान में सुधार आता है।  महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi ) जी अहिंसा (Nonviolence) और क्षमा के गुणों को अपनाने के लिए कहते हैं। दोस्तों बदले की भावना हिंसा (violence) को तो जन्म देती है, साथ में आपके हृदय की कठोरता आपको मानसिक परेशानी भी देती  है।

 नैतिक मूल्य (Moral values) की शक्ति का एहसास  हर व्यक्ति कर सकता है। आप किसी के  दिल को भी बदल सकते हैं। दूसरे की गलतियों को माफ करते हैं तो निश्चित ही ब्रह्मांड की शक्तियां आपसे प्रसन्न होती हैं।

इतिहास उठा कर देखिए तो बदले लेने की भावना  इंसान को दरिंदा बना दिया। अपमान व धोखा के कारण महाभारत युद्ध हुआ। बदला लेने की भावना के कारण आज भाई भाई का दुश्मन हो जाता है। हमारी नैतिक सोच और आध्यात्मिक शक्ति हमें इस बदला लेने वाली भावना से बचा सकती है। इसलिए माफ करना जरूरी है।  बदले की भावना को खत्म करना है तो क्षमा करना सीखें।  

 बदले की भावना खत्म करने के उपाय

  किसी के धोखा देने के कारण आप का मन दुखी है तो आप स्वयं को समझाइए, उस व्यक्ति की नियति ही दूसरों को धोखा देने का रहा है। लेकिन इस कारण से स्वयं को दुखी मत होने दें। क्योंकि धोखा उसने दिया है, आपको  अपने जीवन में उस व्यक्ति के कारण परेशान नहीं होना चाहिए। उसे माफ कर दो और सतर्क हो जाए।  जीवन को एक सीख की तरह समझे जिंदगी  एक टीचर की तरह है और वह आपको सिखा रही है। 

 अगर कोई करीबी आपको धोखा दिया है तो आप  परेशान ना हो। खुद को समझाएं कि  उस व्यक्ति की असलियत आपको पता चल गई है। अब आपको धोखा नहीं दे सकता है।  स्वयं को यह भी बताएं कि इंसान का बदल सकता है इसकी कोई गारंटी नहीं होती है। 

धन-जमीन मकान का लालच और  जलन किसी भी इंसान  को धोखेबाज बना सकता है।  वह इंसान आपका कोई भी करीबी हो सकता है।  एक सच्चे इंसान और साधक की नजर से आपकी यह सोच आपको उस व्यक्ति द्वारा दिए गए धोखे के कारण उत्पन्न हुए दुख से खुद को दूर रखने में मदद करता है। 

  आज के दौर का इंसान शार्टकट रास्ते से बहुत कुछ पाना चाहता है, हर तरह के आराम और सुविधा पाने के लिए वह किसी भी हद तक गिर सकता है इसलिए वह आसनों को भी धोखा दे सकता है।  आपको सावधान रहना चाहिए। धोखा कोई भी दे सकता है-भाई-बहन, बेटा-बेटी हो,  पति-पत्नी, कोई नजदीकी रिश्तेदार, दोस्त,  बिजनेस पार्टनर।  Anyone can cheat – brother-sister, son-daughter, husband-wife, any close relative, friend, business partner.

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